NIGHT 8:30 PM
दृश्यम की कार शिमला की ठंडी सड़क पर तेज रफ्तार में भाग रही थी। बाहर की हवा तो ठंडी थी ही लेकिन कार के अंदर का माहौल उससे भी ज्यादा जमाने वाला था। ड्राइविंग सीट पर बैठा दृश्यम पूरे ध्यान से आगे देखता हुआ स्टेयरिंग पकड़कर ड्राइव कर रहा था। हल्की हवा से उसके बाल थोड़ा बिखर गए थे, शर्ट की स्लीव्स कोहनी तक मुड़ी हुई थीं और ऊपर के दो बटन खुले हुए थे जिसमें उसकी अट्रैक्टिव चेस्ट साफ नजर आ रही थी। उसके चेहरे पर हमेशा की तरह कोई एक्सप्रेशन नहीं था लेकिन आंखों में वही पुरानी ठंडक साफ महसूस हो रही थी। फिल्हाल वो रायशा को लेने रंधावा हाउस की तरफ जा रहा था। उसकी उंगलियां स्टेयरिंग पर हल्का सा दबाव बनाए हुए थीं जैसे खुद को कंट्रोल कर रहा हो। करीब पंद्रह मिनट बाद कार रंधावा हाउस के बाहर आकर धीरे से रुक गई।



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